Bharatvakya (भरतवाक्य)
डाॅ.यशवंत मनोहर

आग

आग जमीन को आग लगी है यह पेड़ों को बताना चाहिए समुंदर को आग लगी है यह जलचरों को बताना चाहिए लोकतंत्र को आग लगी है यह ल…

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