आग

आग

आग

जमीन को आग लगी है
यह पेड़ों को बताना चाहिए
समुंदर को आग लगी है
यह जलचरों को बताना चाहिए
लोकतंत्र को आग लगी है
यह लोगों को बताना चाहिए...

हिन्दी अनुवाद
भरत यादव
Bharat Yadav

मूल मराठी कविता

जमिनीला आग लागली 
हे झाडांना सांगितलं पाहिजे. 
समुद्राला आग लागली 
हे जलचरांना सागितलं पाहिजे. 
लोकशाहीला आग लागली 
हे लोकांना सांगितले पाहिजे...

©यशवंत मनोहर
Yashwant Manohar 
टिप्पणी पोस्ट करा (0)
थोडे नवीन जरा जुने